दोस्तों आज मन बड़ा उदास है लगातार
सीवेज में उतरने कारण व सरकार की लापरवाही से लगात्तार मौतों का सिलसिला रुकने का
नाम नहीं ले रहा है | अब ये भि समझ नहीं आ रहा है की ये मौतें है या हत्याएं सच
कहूँ मझे हत्याएं ही लग रही है क्योंकि मौत किसी एक
या दो घटनायों में हो सकती है पर लगातार हाँ ये दर्शाता है की ये हत्याएं है जो की
जानबुझ कर ला परवाही की की जा रही है और मरने भी दिया जा रहा है |
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| image source: https://www.indiatimes.com/news/india/sewer-story-death-of-sanitation-workers-in-delhi-exposes-the-hypocrisy-failure-of-govt-328070.html |
साथ ही समजा में से कोई
आवाज इसके विरिध में सुने नहीं दे रही है इक्का दुक्का को छोड़ कर | पता नहीं की समाज की भी संवेदनाएं मर
चुकी है या थोड़ी बहुत बाकी भी हैं | या ये कार्य एक विशेष समाज से संवंधित होने के नाते के इनको कोई फर्क नहीं पड़ता है| यदि ये
सच्चाई है तो हम बहुत ही बुरे दौर में आ चुके है | जहाँ इंसान होना इंसान के लिए
कोई महत्व की बात नहीं है |
ये एक समस्या नहीं है ये
बहुत सी समस्याओं में से एक है परन्तु है बड़ी गंभीर यदि इस पर काबू नहीं पाया गया
तो मानवता को बहुत ही नकसान पहुचेगे | हमें चाहिये की सभी समस्यायों पर मानव हित
में एक जुटता से काम करें इंसान होने के नाते हम सभी इंसानों का सम्मान करें |
आपस
में प्रेम व एक दुसरे के प्रति संवेदनाएं हो हर इंसान दुसरे इंसान का दुःख समझ सके
|
और जो लोग इंसानों को निजी
स्वार्थ के लिए बाँटने की कोशिश कर रहें है उनसे सावधान रहे व एकजुट होकर सभ
समस्यायों का समाधान ढूंढें | ताकि हम मानवता को वचाने में कामयाव हो सके | और दिन
प्रतिदिन हो रही सीवर में हत्यायों को भी रोक सके ये तबहू मुमकिन हो पायेगा जब की
हम सब एकजुट होंगें हम इंसान होने के नाते इंसान से प्यार करेंगें |
